Toll Tax ka The End 2022



Germany और रूस से लेकर सीख भारत अपना आएगा GPS (Satellite Navigation system)

जर्मनी और रूस से सबक ले भारत भी अब GPS system Toll Collection को मंजूरी देने जा रहा है इस सिस्टम के अनुसार गाड़ी से टोल टैक्स प्रति किलोमीटर के हिसाब से वसूला जाएगा भारत में प्रति 60 किलोमीटर में 1 से अधिक टोल टैक्स हैं जर्मनी और रूस में एक निश्चित दूरी पर एक टोल बूथ होता है जिस पर एक जीपीएस लगा होता है जिसके नीचे से गाड़ी बिना रुके अपनी निर्धारित गति से निकलती जाती हैं और गाड़ियों की नंबर प्लेट स्कैन होती चली जाती है और पैसा अपने आप उस गाड़ी के मालिक के खाते से अपने आप कट जाता है। जर्मनी और रूस में जीपीएस के द्वारा टोल टैक्स प्रति किलोमीटर के हिसाब से वसूला जाता है।

1 साल में हट जाएंगे सभी टोल प्लाजा


भारत सरकार में सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अभी फिलहाल में संसद में एक ऐसे बिल को पास करने की याचिका लाई है जिसके पास होने से देश भर में सारे टोल टैक्स पर ताला लग जाएगा सारे टोल टैक्स पर गाड़ियों की टोल कलेक्टिंग अब रुक जाएगी टोल टैक्स पर भारी भरकम वाहनों में टोल कलेक्शन अब अलग तरीके से वसूली जाएगी टोल टैक्स का वह पुराना तरीका बंद हो जाएगा fastag की भी अनिवार्यता समाप्त हो जाएगी। Fastag की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।Fastag को स्कैन करके उनका अनुमानित शुल्क वसूलने का तरीका बदल जाएगा।

कैसे होगा फिर Toll Collection


GpS Base Toll Collecting भारत सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्री की दिमाग की उपज बताई जा रही है नितिन गडकरी 1 साल के अंदर GPS Base Imaginary Toll booth सारी हाईवे पर उतारने की रणनीति बना रहे हैं अगर ऐसा हुआ तो देश के सारे Physical Toll both निष्क्रिय हो जाने वाले हैं।Toll Booth पर Toll Tax Collection का तरीका पूरी तरह से बदल जाने वाला है। टोल टैक्स पर फास्टैग की निर्भरता और बगैर फास्टक वालों के लिए भी अब और आसानी होने वाली है। गाड़ी के Owner के खाते से अपने आप Toll Charges GpS system के द्वारा काट लिया जाएगा जो कि Fastag से भी सरल है। GPS Imaginary Toll booth से गाड़ी जैसे ही निकलेगी नंबर प्लेट स्कैन करके रसीद अपने आप कट जाएगी।Charges अपने आप गाड़ी के मालिक के खाते से कट जाएंगे।

GPS Toll Booth System Benefits in hindi


देश में चल रहे आधुनिकरण और अपने देश में नवीनीकरण को बढ़ाने की राह में यह एक नया कदम है।Roads & Transport के क्षेत्र में भारत में एक नई क्रांति आने वाली है नितिन गडकरी ने यह फैसला बड़ी ही सोच समझकर और बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखकर लिया है
1) गाड़ियों के लंबे जाम से निजात मिलेगी।
2) समय की बचत होगी।
3) कार्य कुशलता में वृद्धि होगी।
4) Fastag की निर्भरता और बार-बार रिचार्ज करने की झंझट भी समाप्त हो जाएगी।
5) टोल कलेक्शन जल्दी-जल्दी कर पाएंगे।
6)Toll Collection में होने वाली भ्रष्टाचारी को रोक पाएँगे।
7) Toll Collection में होने वाली लूट मार से भी निजात मिलेगी।
8)Toll Collection के दौरान पारदर्शिता और समानता मिल पाएगी।
9) घंटे भर जाम से होने वाले ईंधन के Wastage को भी रोक पाएंगे।

GPS Toll Booth Disadvantages in hindi


माना कि नितिन गडकरी ने यह फैसला बहुत ही सोच समझ कर लिया है लेकिन हमारा प्रश्न उठता है कि कोई भी नई चीज जब लाई जाती है तब उसके साथ-साथ उसके दुष्प्रभाव भी साथ ही साथ चले आते हैं। ठीक वैसे ही इस GPS Toll booth system के भी कुछ नुकसान है जो कि नीचे विस्तृत रूप में बताए गए हैं।
1) सबसे पहले तो Fastag के Franchaisor को भारी नुकसान का सामना झेलना पड़ेगा।
2) देश में सारे टोल टैक्स पर ताला लगने से टोल कर्मचारियों को बेरोजगारी का सामना भी करना पड़ेगा।
3) टोल टैक्स के आसपास अपनी छोटी मोटी दुकान लगाने वाले लोगों को भी नुकसान झेलना पड़ेगा।
4) टोल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बहुत ही दुर्बल हो जाएगी।
5)Toll Tax से संबंधित सारे कामों को बंद करना पड़ेगा।

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