Shrilanka News: श्रीलंका में हुई आपातकाल की घोषणा



National Emergency in Sri lanka

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श्रीलंका में राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने आपातकाल की घोषणा कर दी है यह घोषणा राष्ट्रपति को आपात स्थितियों से निबटने के लिए उठाया गया एक मजबूत कदम है। आर्थिक संकट से जूझ रही जनता के प्रदर्शन को दबाने के लिए भी यह कदम एक कारगर साबित हो सकता है। श्रीलंका में आज के माहौल की बात करें तो हिंसा प्रदर्शन और सरकारी संपत्तियों पर तोड़फोड़ चल रही है जिसकी वजह से आम जनता में एक आक्रोश सा फैला हुआ है लंबे पावर कट खाने पीने की चीजों की किल्लत से जूझ रहे श्रीलंका ने आपातकाल को लागू कर दिया है।

आपातकाल घोषणा से मिली शक्तियां

Man with Powers - Free Stock Photo by Pixabay on Stockvault.net

बात करें कि आपातकाल की घोषणा करने से राष्ट्रपति के द्वारा कौन-कौन सी शक्तियों का आवाहन हुआ है तो उनमें से कुछ शक्तियों के बारे में हम बात करने जा रहे हैं जिनमें से सबसे बड़ी शक्ति है सार्वजनिक सुरक्षा दूसरी सार्वजनिक व्यवस्था का संरक्षण एवं तीसरी विद्रोह का दमन चौथी है नागरिक हंगामा और पांचवी है सरकारी संपत्ति की सुरक्षा मैं आने वाली बाधा का निराकरण यह सभी राष्ट्रपति के द्वारा लगाई गई आपातकाल में शामिल है। अगर इसके बीच किसी को भी कोई भी दखल करते हुए पाया जाता है तो उसे बिना पूछे गिरफ्तार किया जा सकता है और उस पर निश्चित कार्यवाही भी की जा सकती है।

श्रीलंका में हो रहे प्रदर्शन

File:Sikar-Kisan-Andolan (Sikar Farmer Movement).jpg - Wikimedia Commons

श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में 11-11 घंटे से पावर व्हाट्सएप जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है और वही जनता खाने पीने की चीजों के लिए भी लहूलुहान होती नजर आ रही है श्रीलंका में रोजमर्रा की चीजों के दाम आसमान छूते नजर आ रहे हैं और वहीं स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो वह पूरी तरह से चरमरा गई है वहां पर मिलने वाले छोटे-मोटे टेबलेट भी ₹10 से बढ़कर ₹300 तक में बिक रहे हैं यह श्रीलंका के लिए सबसे बुरे दोनों में से एक है।

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राष्ट्रपति निवास पर हंगामा एवं तोड़फोड़

People protesting against proposed Nuclear Power Project o… | Flickr

श्रीलंका में आम जनता पर लगातार लगाए जा रहे प्रतिबंधों और कि लोगों की वजह से श्रीलंका की जनता अब देश के राष्ट्रपति के घर तक को नहीं बख्शा रही है वह देश के राष्ट्रपति श्री गोटाबाया राजपक्षे के घर के बाहर ताबड़तोड़ पत्थरबाजी और हंगामा कर रही है। रात में कोलंबो के राष्ट्रपति के घर के सामने 2500 से ज्यादा लोगों ने रैली निकालकर अपना गुस्सा प्रदर्शन किया।भीड़ राष्ट्रपति भवन के अंदर घोषणा चाह रही थी लेकिन मौके पर मौजूद सुरक्षा गणों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गाड़ियों पर पथराव और हंगामा

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श्रीलंकन पुलिस को अभी बहुत ज्यादा हिंसा का सामना करना पड़ रहा है माना जा रहा है कि 24 से 28 पुलिसवाले घायल हो चुके हैं प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाया है और कई पुलिस की गाड़ियों को जलाकर राख भी कर दिया गया है

श्रीलंका सरकार पर हुई कार्रवाई को आतंकी करार घोषित किया

सरकार के द्वारा लगाए जा रहे हैं बराबर प्रतिबंध और जनता से छीनी जा रही मूलभूत सुविधाओं के कारण जनता का गुस्सा आसमान छू रहा है वह सरकार के द्वारा करी जा रही एवं वहां के राष्ट्रपति के द्वारा लिए जा रहा है इस कूटनीतिक निर्णय को आतंकी निर्णय घोषित कर रहे हैं। जनता वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति को पद से निकालने की जद्दोजहद में लगी हुई है और वह चाहती है कि वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति को उनके पद से हटाकर और अन्य राष्ट्रपति को वहां पर लाया जाए जिससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होने की संभावना उत्पन्न हो।

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